“स्मार्ट डिवाइस(नई विंडो)” के उस दौर में, जो अक्सर स्पाई डिवाइस के रूप में भी काम करते हैं, AirTags ऐसे ट्रैकिंग टूल्स हैं जो अपने काम के बारे में खुलकर बताते हैं और खोए हुए आइटम ढूंढने में मदद के लिए बेहद ज़रूरी हो सकते हैं (जिन्होंने कभी अपनी कार की चाबी खोई है, वे इसकी गवाही दे सकते हैं)। हालांकि, जैसा कि Apple के खिलाफ हालिया क्लास एक्शन लॉसूट(नई विंडो) में आरोप लगाया गया है कि AirTags “स्टॉकर्स और दुर्व्यवहार करने वालों का पसंदीदा हथियार” बन गए हैं, AirTags की सुविधा के साथ इनके दुरुपयोग को लेकर निजता की गंभीर चिंताएं भी जुड़ी हैं।
इस ब्लॉग पोस्ट में हम AirTag स्टॉकिंग की घटना को समझेंगे, चर्चा करेंगे कि AirTags कैसे काम करते हैं, और साइबरस्टॉकिंग के इस अनचाहे नए रूप से बचने के तरीके सुझाएंगे।
- AirTag क्या है?
- AirTag कैसे काम करता है?
- AirTag स्टॉकिंग क्या है?
- कैसे पता करें कि आपकी AirTag स्टॉकिंग हो रही है?
- अपने आसपास ‘खोए हुए’ AirTag का पता चलने पर क्या करें
- अंतिम विचार
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
AirTag क्या है?
Apple AirTag एक छोटा डिवाइस है जिसे Apple के Find My नेटवर्क का इस्तेमाल करके खोए हुए आइटम ढूंढने में मदद के लिए डिज़ाइन किया गया है। AirTags सीधे इंटरनेट से कनेक्ट नहीं होते, बल्कि एक सुरक्षित Bluetooth सिग्नल भेजते हैं जिसे आसपास मौजूद कोई भी Apple डिवाइस डिटेक्ट कर सकता है।
अगर किसी डिवाइस को खोया हुआ मार्क किया गया हो (उसके मालिक ने उसे Lost Mode में डाला हो), तो उसे डिटेक्ट करने वाला कोई भी Apple डिवाइस (जिनमें खोए हुए AirTag की जगह के पास मौजूद अजनबियों के डिवाइस भी शामिल हैं) AirTag का स्थान उसके मालिक को रिपोर्ट करेगा, और मालिक फिर Find My ऐप में मैप पे उसका स्थान देख सकता है।
AirTag कैसे काम करता है?
AirTags Bluetooth, Apple के Find My नेटवर्क, और Ultra Wideband टेक्नोलॉजी के संयोजन से काम करते हैं। ये कैसे काम करते हैं, इसकी स्टेप-बाय-स्टेप जानकारी ये है:
- Bluetooth: हर AirTag एक सुरक्षित Bluetooth सिग्नल भेजता है जिसे Find My नेटवर्क में शामिल आसपास के डिवाइस डिटेक्ट कर सकते हैं। AirTag खुद इंटरनेट से कनेक्ट नहीं होता।
- Find My नेटवर्क: जब कोई डिवाइस किसी AirTag का Bluetooth सिग्नल डिटेक्ट करता है, तो वो अपने इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करके AirTag का स्थान Apple के Find My नेटवर्क पे अपलोड करता है। ये पूरी तरह गुमनाम और निजी तरीके से होता है — कोई भी, यहां तक कि जिस डिवाइस ने AirTag डिटेक्ट किया उसका मालिक भी नहीं, ये नहीं देख सकता कि उसने कौन सा AirTag डिटेक्ट किया है या वो किसका है।
- Ultra Wideband टेक्नोलॉजी: सटीक ढूंढने के लिए AirTags Apple के U1 चिप और Ultra Wideband टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं, जो नए iPhone मॉडल्स (iPhone 11 और उसके बाद के) में उपलब्ध है। इससे आप अपने AirTag तक रियल टाइम में ज़्यादा सटीक दिशा-निर्देश देख सकते हैं, जिसमें कैमरा, ARKit, accelerometer, और gyroscope से मिले इनपुट की मदद से आवाज़, हैप्टिक्स, और विज़ुअल सुझाव के संयोजन से आपको AirTag तक पहुंचाया जाता है।
- Lost Mode: अगर AirTag लगी कोई आइटम खो जाए, तो आप Find My ऐप के ज़रिए AirTag को Lost Mode में डाल सकते हैं। अगर कोई दूसरा Apple डिवाइस आपका खोया हुआ AirTag डिटेक्ट करता है, तो आपको उसके स्थान की सूचना अपने आप मिल जाएगी।
अगर कोई खोया हुआ AirTag ढूंढ लेता है, तो वो किसी भी NFC-सक्षम डिवाइस से उसे टैप करके एक ऐसा वेब पेज देख सकता है जो आपके दिए गए संपर्क फोन नंबर दिखाता है।
जब तक AirTags को Lost Mode में न डाला जाए, आपके अपने डिवाइस के अलावा दूसरे डिवाइस उन्हें डिटेक्ट नहीं कर सकते। AirTags की एक अहम सीमा ये है कि उन्हें सेट अप करने की क्षमता समेत ज़्यादातर खासियतें सिर्फ Apple डिवाइस के ज़रिए ही इस्तेमाल की जा सकती हैं।
AirTag स्टॉकिंग क्या है?
AirTag स्टॉकिंग का मतलब है किसी की सहमति के बिना उसे चुपके से ट्रैक करने के लिए AirTags का दुरुपयोग। इसमें AirTag किसी शख्स, उसके सामान या उसकी गाड़ी पे लगाया जाता है, जिससे स्टॉकर Find My नेटवर्क के ज़रिए उसका स्थान ट्रैक कर सकता है। ये तरह की ट्रैकिंग निजता में गंभीर सेंध हो सकती है और इसे उत्पीड़न या स्टॉकिंग का एक रूप माना जाता है।
पहले AirTag के लॉन्च के बाद से, इसे स्टॉकिंग टूल की तरह दुरुपयोग करने के बारे में लगातार रिपोर्ट्स(नई विंडो) आती रही हैं, जिनमें एक मर्डर केस(नई विंडो) में इसके इस्तेमाल भी शामिल है।
कैसे पता करें कि आपको कोई AirTag से ट्रैक कर रहा है?
इन आलोचनाओं के जवाब में, Apple ने AirTags में कुछ ऐसी सुरक्षा खासियतें जोड़ी हैं जिनका मकसद गैरकानूनी AirTag ट्रैकिंग को रोकना है। आप खुद की सुरक्षा के लिए कुछ उपाय भी अपना सकते हैं।
अपने स्मार्टफोन पे ऑटोमैटिक अलर्ट पाएं
अगर आपके पास स्मार्टफोन है, तो वो समय-समय पर अपने-आप अनजान AirTags को स्कैन करेगा। अगर कोई अनजान AirTag (जो आपके Apple ID से कनेक्ट नहीं है) डिटेक्ट होता है, जो मालिक के डिवाइस की रेंज से भी बाहर है और आपके साथ जा रहा लगता है, तो आपको फोन पे AirTag Detected Near You सूचना मिलेगी।
ये खासियत डिफॉल्ट रूप से सक्षम होती है। Tracking Notifications को मैन्युअली सक्षम करने के लिए, ये सुनिश्चित करें कि Location Services, Find My iPhone, Significant Locations और Bluetooth सभी चालू हों (इन सभी सेटिंग को सक्षम करने का तरीका(नई विंडो)), और Airplane Mode बंद हो।
फिर Find My ऐप खोलें और Me टैब → Customize Tracking Notifications पे जाएं → Allow notifications स्विच को चालू करें।

अभी तक, सिर्फ iOS या iPadOS 14.5+ चलाने वाले Apple डिवाइस ही इस सुरक्षा का फायदा उठा पाते थे। लेकिन Google ने (Apple के सहयोग से) सभी Android 6+ डिवाइस पे Unknown Tracker Alerts पेश किए हैं, जो Google के Find My Device नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं।
ये खासियत iPhone के Tracking Notifications की तरह ही काम करती है, लेकिन Unknown Tracker Alerts आखिरकार आपको Tile Trackers और Samsung SmartTags समेत हर तरह के ट्रैकिंग डिवाइस के बारे में चेतावनी देंगे। हालांकि, इस लेख के लिखे जाने के समय सिर्फ Apple AirTag का डिटेक्शन ही सहायता प्राप्त है।
ज़्यादातर Android डिवाइस पे ये खासियत डिफॉल्ट रूप से सक्षम होती है। इसे मैन्युअली सक्षम करने के लिए, Settings ऐप खोलें, Safety and emergency → Unknown tracker alerts, पे जाएं और Allow alerts स्विच को चालू करें (जानकारी Android के वर्ज़न के हिसाब से थोड़ी अलग हो सकती है)।

ऑटोमैटिक ऑडियो अलर्ट
जिस शख्स के नाम पे AirTag रजिस्टर्ड है, उसके डिवाइस की Bluetooth रेंज से बाहर निकलने के चार से 12 घंटे बाद, AirTags हिलाने पे बीप की आवाज़ निकालते हैं। ये इसलिए बनाया गया है ताकि जो लोग स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं करते उन्हें पता चल सके कि उनकी स्टॉकिंग हो रही है।
दुर्भाग्य से, अगरचे Apple ने इन बीप की आवाज़ बढ़ाने की कोशिश की है, ये आवाज़ फिर भी ज़्यादा तेज़ नहीं है और AirTag के हर बार हिलने पे सिर्फ एक बार बजती है। इसलिए इसे नज़रअंदाज़ करना आसान है (खासकर अगर टैग आपके शरीर की जगह आपकी गाड़ी पे लगा हो)।
अपने स्मार्टफोन से ट्रैकर्स को मैन्युअली स्कैन करें
iOS, iPadOS और (अब) Android डिवाइस, सभी Bluetooth रेंज (करीब 15 मीटर / 50 फीट) के भीतर “खोए हुए” AirTags को सक्रिय रूप से स्कैन कर सकते हैं।
अपने iPhone या iPad पे Find My ऐप खोलें और Items टैब पे जाएं। अगर आपको Items Detected With You या Items That Can Track Me संदेश दिखे, तो उसे टैप करें और उसे ढूंढने के लिए निर्देशों को फॉलो करें। अगर आपको कोई संदेश नहीं दिखता, तो कोई AirTag डिटेक्ट नहीं हुआ।
Android पे Settings ऐप खोलें, Safety and emergency → Unknown tracker alerts पे जाएं और Scan now को टैप करें। अगर कोई ट्रैकर डिटेक्ट होता है, तो उसका स्थान पता करने के लिए दिए गए निर्देशों को फॉलो करें।

ध्यान रखें कि बहुत सारी तीसरें-पार्टी ट्रैकर डिटेक्शन ऐप्स उपलब्ध हैं, लेकिन Android की तरफ से ट्रैकर डिटेक्शन आने से (जिसे Apple ने खुद Google के साथ मिलकर बनाया) ये ऐप्स (जो वैसे भी अक्सर भरोसेमंद नहीं थीं) बेकार हो गई हैं।
AirTags को फिजिकली खोजें
अगर आपको AirTag स्टॉकिंग की खास चिंता है, तो आपको रोज़ अपने कपड़ों (जिनमें जेब भी शामिल है) की फिजिकल जांच करनी चाहिए। यही बात अपने सामान, गाड़ी और अपने साथ रखी दूसरी चीज़ों (जैसे बैकपैक या पर्स) पे भी लागू होती है।
अगर आपको अपने आस-पास कोई ‘खोया हुआ’ AirTag मिले तो क्या करें
सबसे पहले ये जानना ज़रूरी है कि फॉल्स पॉज़िटिव नतीजे काफी आम हैं। अगर आप किसी सार्वजनिक जगह पे हैं, तो हो सकता है AirTag बस अपने मालिक से अलग हो गया हो या चोरी हो गया हो (अच्छी बात नहीं, लेकिन चोरी हुआ ट्रैकर आपके लिए कोई खतरा पैदा नहीं करता)। इसलिए शांत रहें और या तो उसे ढूंढें या किसी दूसरे स्थान पे जाकर AirTag को फिर से डिटेक्ट करने की कोशिश करें कि वो आपके साथ जा रहा है या नहीं।
अगर आप iPhone से कोई AirTag डिटेक्ट करते हैं, तो एक मैप खुलेगा जो उसका अनुमानित स्थान और वो कितनी देर से आपके पास है, ये दिखाएगा। आपके पास Play Sound टैप करने का विकल्प भी होगा, जो AirTag को बीप की आवाज़ निकालने का निर्देश देगा, जिससे उसे ढूंढना आसान हो जाएगा। ट्रैकर को तुरंत अक्षम करने का विकल्प भी आपके पास होगा।
Android पे आपको मैप का विकल्प या AirTag को रिमोटली अक्षम करने की सुविधा नहीं मिलती, लेकिन उसे ढूंढना आसान बनाने के लिए आप Play sound टैप कर सकते हैं।

AirTag का पता लग जाने के बाद, किसी भी NFC-सक्षम डिवाइस से उसे टैप करें। इससे एक वेब पेज खुलेगा जो डिवाइस का सीरियल नंबर और उसे बंद करने के निर्देश दिखाएगा। जैसा पहले बताया गया, आप ये iPhone से अपने-आप कर सकते हैं। सबके लिए उपलब्ध ज़्यादा भरोसेमंद समाधान बस उसकी बैटरी निकाल देना है। ये करने के लिए:
- AirTag के पीछे बने छोटे से खांचे को ढूंढें और उसे दबाएं।
- कवर को घड़ी की सुई के उल्टा घुमाएं जब तक वो रुक न जाए (निशान के साथ अलाइन हो जाए)।
- कवर हटाएं और बैटरी निकाल दें।
अगर आपको लगता है कि किसी ने आपको ट्रैक करने के लिए AirTag का दुरुपयोग किया है, तो पुलिस से संपर्क करें। डिवाइस का सीरियल नंबर (ऊपर देखें) उनकी जांच में मदद करेगा।
अंतिम विचार
अनचाही AirTag ट्रैकिंग एक सच्ची और बढ़ती हुई समस्या है। घरेलू उत्पीड़न या यौन शिकारियों के पीड़ितों (जो अक्सर महिलाएं होती हैं(नई विंडो)) के अलावा, राजनेता, पत्रकार, एक्टिविस्ट, बिज़नेस लीडर और वैज्ञानिक, सभी इस नए साइबरस्टॉकिंग रूप के लिए संभावित हाई-वैल्यू टारगेट हैं।
Apple हमेशा से iPhone मालिकों को AirTag दुरुपयोग रोकने में मदद करने वाले टूल्स देता आया है (अगरचे रिपोर्ट हुए दुरुपयोग की बड़ी मात्रा के जवाब में इन्हें सुधारने के लिए उसे मजबूर होना पड़ा), लेकिन दुनिया भर में सिर्फ करीब 17% स्मार्टफोन उपयोगकर्ता ही iPhone इस्तेमाल करते हैं(नई विंडो)।
इसलिए, Apple का Android उपयोगकर्ताओं को AirTags से पैदा होने वाले खतरे के खिलाफ कम से कम कुछ सुरक्षा देने के लिए Google के साथ हालिया सहयोग बहुत स्वागत योग्य कदम है। दुर्भाग्य से, इसके बावजूद दुनिया भर में एक अरब से ज़्यादा गैर-स्मार्टफोन उपयोगकर्ता अब भी AirTag स्टॉकिंग के खतरे में हैं।
Proton में हम मानते हैं कि निजता सबके लिए डिफॉल्ट होनी चाहिए। इसीलिए हम अपने सभी प्रोडक्ट्स के लिए फ्री प्लैन देते हैं, ताकि उन लोगों को सक्षम बनाया जा सके जिन्हें निजता सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। हम बिग टेक को उस समय उजागर करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं जब वो सिर्फ अपने ग्राहकों ही नहीं, बल्कि पूरे समाज (खासकर उसके सबसे कमज़ोर लोगों) के सर्वोत्तम हितों से ज़्यादा मुनाफे को प्राथमिकता देता है।
फ्री Proton VPN खाते के साथ, आप सेंसरशिप को मात दे सकते हैं, जिन वेबसाइट पे आप जाते हैं उनसे अपना IP पता छिपा दे सकते हैं, और अपने ISP (और इसी तरह अपनी सरकार) को ये जानने से रोक सकते हैं कि आप ऑनलाइन क्या करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
AirTags Bluetooth का इस्तेमाल करते हैं। ये वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट नहीं होते और न ही Global Positioning System (GPS) का इस्तेमाल करते हैं। इसका मतलब है कि AirTag को डिटेक्ट करने के लिए, iPhone (या Android फोन, अगर “खोए हुए” AirTags को स्कैन किया जा रहा हो) का AirTag से 15 मीटर / 50 फीट के भीतर होना ज़रूरी है।
हालांकि, AirTag की रेंज में आने वाला कोई भी iPhone उसका स्थान उसके मालिक तक पहुंचाता है, जिससे AirTag मालिक अपने डिवाइस को बहुत दूर से ट्रैक कर सकते हैं (जब तक iPhone वाला कोई शख्स AirTag की रेंज में चला आता रहे)।
नहीं। आप नहीं देख सकते कि AirTag पहले कहां रहा। सिर्फ ये कि वो अभी कहां है।
अपनी गाड़ी में छिपाए गए AirTag को ढूंढने के लिए इस लेख में बताए गए तरीकों का इस्तेमाल करें। स्मार्टफोन से (अगर आपके पास है) उसे स्कैन करें, या अपनी गाड़ी के अंदर और बाहर (नीचे के हिस्से समेत) को अच्छे से और तरतीब से जांचें।
अनचाही ट्रैकिंग से बचाने वाली सुरक्षा खासियतों के अलावा, AirTags में मज़बूत निजता सुरक्षा है। ये कोई स्थान डाटा या स्थान हिस्ट्री स्टोर नहीं करते। इसकी जगह, ये ये डाटा Apple के Find My नेटवर्क के ज़रिए पहुंचाते हैं, जो शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करता है ताकि ये पक्का हो सके कि सिर्फ AirTag का मालिक ही उसके स्थान डाटा को एक्सेस कर सके।






