आपका Android फोन आधुनिक इंजीनियरिंग का एक कमाल है। ये एक साधारण मोबाइल फोन से कहीं ज़्यादा है, ये एक शक्तिशाली कंप्यूटर है जो हमेशा इंटरनेट से कनेक्ट रहता है और जिसे आप जहां जाते हैं वहां अपने साथ ले जाते हैं। और डेस्कटॉप सिस्टम को प्रभावित करने वाली सारी निजता संबंधी समस्याएं आपके Android डिवाइस पे भी लागू होती हैं।
इसीलिए आपको अपने Android फोन के डाटा की सुरक्षा में उतनी ही सावधानी बरतनी चाहिए जितनी आप अपने डेस्कटॉप या लैपटॉप PC पे बरतते हैं। Android पे अपनी निजता की सुरक्षा का एक असरदार तरीका है VPN का इस्तेमाल।
आम तौर पे, Android पे VPN ठीक वैसे ही काम करता है जैसे डेस्कटॉप सिस्टम पे VPN काम करता है। हालांकि, Android पे VPN इस्तेमाल करने के कुछ यूनीक पहलुओं के बारे में आपको पता होना चाहिए।
Android पे VPN क्या होता है?
जब आप Android पे कोई VPN ऐप इस्तेमाल करते हैं (जैसे Android के लिए Proton VPN ऐप(नई विंडो)), तो आप सीधे इंटरनेट से कनेक्ट नहीं होते। इसकी जगह आप किसी VPN सर्वर से कनेक्ट होते हैं, जो आपके Android डिवाइस और उस वेबसाइट या उस ऐप के बीच मध्यस्थ का काम करता है जिसे आप ब्राउज़ या इस्तेमाल कर रहे हैं।

VPN ऐप आपके फोन और VPN सर्वर के बीच का सारा ट्रैफिक एन्क्रिप्ट करता है, जिससे तीसरे पक्ष को उसे एक्सेस करने से रोकता है। और आपका फोन कैरियर — जो आपका मोबाइल इंटरनेट प्रोवाइडर (ISP) भी है — नहीं देख सकता कि आप इंटरनेट पे क्या करते हैं। उसे बस उस VPN सर्वर का IP पता दिखता है जिससे आप कनेक्ट हैं।
आपके द्वारा देखी गई वेबसाइटें भी आपका असली IP पता नहीं देख सकतीं — उन्हें सिर्फ आपके VPN सर्वर का IP पता दिखता है।
मुझे Android के लिए VPN की जरूरत क्यों है?
जब भी आप अपने Android डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं, Google बहुत सारा टेलीमेट्री डाटा इकट्ठा करता है(नई विंडो), और इसे कोई VPN ऐप नहीं रोक सकता।
सबसे अहम बात, Android के लिए VPN आपके ISP (फोन कैरियर सर्विस) को ये देखने से रोकता है कि आप इंटरनेट पे क्या करते हैं। उसे बस इतना दिखता है कि आप किसी VPN सर्वर से कनेक्ट हैं।
इसी तरह, ये आपकी सरकार को भी ये देखने से रोकता है कि आप इंटरनेट पे क्या करते हैं। सरकारें अपने नागरिकों की पूरी निगरानी करने के लिए ISPs के रिकॉर्ड इस्तेमाल करती हैं, इसलिए ज़्यादातर मामलों में जो आपका ISP नहीं जानता, वो आपकी सरकार भी नहीं जानेगी। हालांकि, VPN आपको आपकी सरकार के टारगेटेड हमलों से नहीं बचाएगा।
VPN आपके द्वारा देखी जाने वाली वेबसाइटों को आपका असली IP पता जानने से रोकता है, और पब्लिक वाई-फाई होस्ट्स को ये ट्रैक करने से रोकता है कि आप इंटरनेट पे क्या करते हैं और उस डाटा को विज्ञापनदाताओं को बेचते हैं।
कई पब्लिक वाई-फाई होस्ट्स ऐसे व्यवसाय हैं जो इंटरनेट पे आपकी गतिविधियों को ट्रैक करके और वो डाटा बेचकर अपनी “फ्री” सर्विसेज़ से कमाई करते हैं। HTTPS(नई विंडो) उन्हें ये देखने से रोकता है कि आप अलग-अलग वेबसाइटों पे क्या करते हैं, इसलिए आपकी बैंक जानकारी और पासवर्ड खतरे में नहीं हैं। लेकिन ये आपकी निजता के लिए खतरा है, क्योंकि विज्ञापनदाताओं को पता चल जाता है कि आपने कौन-कौन सी वेबसाइटें देखी हैं।
इसके अलावा, पब्लिक वाई-फाई पे बिना एन्क्रिप्शन के भेजे गए (आमतौर पे आपके ISP को) DNS रिक्वेस्ट को इंटरसेप्ट किया जा सकता है, जिसके नतीजे के तौर पे आप नकली वेबसाइटों पे रीडायरेक्ट हो जाते हैं। इसे DNS स्पूफिंग या DNS पॉइज़निंग(नई विंडो) कहते हैं। यहां भी, इसे VPN रोकता है क्योंकि DNS रिक्वेस्ट एन्क्रिप्ट होकर VPN सर्वर को भेजे जाते हैं (और आमतौर पे इन्हें VPN सर्विस खुद भी हैंडल करती है)।
VPN के साथ आप सेंसरशिप ब्लॉक को बायपास कर सकते हैं। बस किसी ऐसी जगह में मौजूद VPN सर्वर से कनेक्ट करें जहां सेंसरशिप नहीं होती। VPN से आप सफर के दौरान भी अपने पसंदीदा TV शो, जिनकी आपने सब्सक्राइब की है, ऐसे स्ट्रीम कर सकते हैं जैसे आप घर पे हों, और सुरक्षित तरीके से टोरेंट भी कर सकते हैं।
जानें VPN का इस्तेमाल आपकी ऑनलाइन जिंदगी को कैसे बेहतर बनाता है(नई विंडो)
Android के लिए Proton VPN ऐप में NetShield Ad-blocker,(नई विंडो) भी है, जो DNS फिल्टरिंग का इस्तेमाल करके आपके Android डिवाइस को मालवेयर से बचाता है, और साथ ही विज्ञापनों और ऑनलाइन ट्रैकरों को भी ब्लॉक करता है।
NetShield Ad-blocker के बारे में और जानें
जहां भी मुमकिन हो, Android ऐप्स का इस्तेमाल करने से बचें
आपको पता होना चाहिए कि जब भी आप स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं (iOS डिवाइस के साथ-साथ Android भी), मोबाइल ऐप्स अपने डेवलपर्स को बहुत सारी पर्सनल जानकारी भेज सकते हैं (और आमतौर पे भेजते भी हैं)।

ये ऐप्स जो पर्सनल डाटा इकट्ठा करके अपने डेवलपर्स को भेजते हैं, उसमें शामिल हैं:
- ऐप डेवलपर के लिए आपकी यूनीक पहचान करने वाला यूज़र ID (UID), जिसका इस्तेमाल वेबसाइटों और ऐप्स पे आपको ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है और इसे अक्षम नहीं किया जा सकता और इससे ऑप्ट आउट भी नहीं किया जा सकता
- स्थान डाटा
- आपके फोन के मोशन सेंसर और GPS सिस्टम से ली गई फिजिकल एक्टिविटी
- आपकी पूरी कॉन्टैक्ट्स लिस्ट
- आपकी फ़ाइलों और मीडिया तक पूरा एक्सेस
- आपके कैमरे तक एक्सेस
- आस-पास के डिवाइसों के बारे में जानकारी (जो आपके फोन के Bluetooth, वाई-फाई और NFC सेंसर से ली जाती है)
Android के नए वर्ज़न में इसमें से ज़्यादातर जानकारी तक एक्सेस पाने के लिए डेवलपर्स को आपकी साफ-साफ अनुमति की जरूरत होती है। लेकिन फिर भी, UID की वजह से आपकी निजता काफी हद तक ऐप डेवलपर्स के हाथों में रहती है।
फरवरी 2022 में, Google ने UID को धीरे-धीरे हटाकर उसकी जगह अपनी Privacy Sandbox(नई विंडो) टेक्नोलॉजी लाकर Android डिवाइसों पे निजता मजबूत करने के प्लैन का ऐलान किया(नई विंडो)। हालांकि, खुद Google भी इसे एक “बहु-साल की मेहनत” बताता है, और इस पहल की निजता कार्यकर्ताओं ने आलोचना की है(नई विंडो)।
अपने डेवलपर्स को पर्सनल डाटा भेजने के अलावा, प्ले स्टोर से आप जो भी ऐप डाउनलोड करते हैं, वो Google को आपके बारे में बहुत सारा मेटाडाटा उपलब्ध कराता है (जैसे ऐप इस्तेमाल के आंकड़े)।
अपने Android फोन पे VPN इस्तेमाल करने से ऐप्स को उनके डेवलपर्स (या Google) को पर्सनल जानकारी भेजने से नहीं रोका जा सकता, इसलिए अगर आप ज़्यादा से ज़्यादा निजता बनाए रखना चाहते हैं, तो जहां भी मुमकिन हो उनसे बचें।
हालांकि, लगभग सभी ऑनलाइन सर्विसेज़ को अपने मोबाइल ब्राउज़र से उनकी वेबसाइट के जरिए एक्सेस किया जा सकता है। इस तरह उनका इस्तेमाल करने से आप VPN से मिलने वाली पूरी निजता सुरक्षा का लाभ उठा पाते हैं।
Netflix
आधिकारिक Netflix ऐप के अलावा Android डिवाइस पे Netflix के शो देखना मुमकिन नहीं है। ये आपके स्थान के हिसाब से ये भी तय करता है कि आप कौन से शो और फिल्में देख सकते हैं। हालांकि, आप अपने फोन पे VPN इस्तेमाल करके दुनिया की किसी भी जगह से वो पूरा Netflix कैटलॉग एक्सेस कर सकते हैं जो आप घर पे एक्सेस कर सकते हैं।
Prime Video
Netflix की तरह, Android पे Prime Video का कंटेंट सिर्फ आधिकारिक ऐप से देखा जा सकता है। और Netflix की तरह ही, अगर Amazon को पता चलता है कि आप घर से दूर हैं, तो वो उपलब्ध टाइटल्स के कैटलॉग को सीमित कर देगा।
विदेश यात्रा के दौरान अपने आम Prime Video टाइटल्स का कैटलॉग एक्सेस करने के लिए, बस अपने घर देश में मौजूद किसी VPN सर्वर से कनेक्ट करें।
Android पे टोरेंटिंग
iOS के उलट, Android के लिए कई P2P BitTorrent ऐप्स प्ले स्टोर और F-droid पे उपलब्ध हैं। ये डेस्कटॉप BitTorrent क्लाइंट्स की तरह ठीक वैसे ही काम करते हैं।
टोरेंटिंग की हमारी अल्टीमेट गाइड पढ़ें
चूंकि पीयर्स (आपकी तरह वही फ़ाइल डाउनलोड करने वाले दूसरे लोग) आपका असली IP पता देख सकते हैं, इसलिए Android पे P2P डाउनलोड करते वक्त VPN से खुद को बचाना बेहद जरूरी है। अगर आप ऐसा नहीं करते, तो नेटवर्क पे मौजूद कोई भी दुर्भावनापूर्ण एक्टर आपका IP पता जान लेगा।
Proton VPN हमारे सभी Plus सर्वरों पे टोरेंटिंग को सहायता देता है(नई विंडो), लेकिन बेहतरीन स्पीड्स के लिए आपको हमारे खास तौर पे ऑप्टिमाइज़ किए गए हाई-स्पीड P2P फ़ाइल शेयर सर्वरों से कनेक्ट होना चाहिए। इन्हें डबल-एरो आइकॉन से मार्क किया गया है।

अंतिम विचार
Android पे VPN इंटरनेट पे आपकी निजता की सुरक्षा करता है, सेंसरशिप को नाकाम करता है, और घर से दूर होते हुए भी आपको अपने पसंदीदा स्ट्रीम कंटेंट तक एक्सेस देता है। तो हां, आपको अपने Android फोन पे VPN ऐप की जरूरत है।
अगर निजता आपकी मुख्य चिंता है, तो सर्विसेज़ को उनके ऐप्स की जगह उनके वेब पोर्टल के जरिए एक्सेस करना न भूलें।
Proton VPN एक no-logs VPN(नई विंडो) सर्विस देता है जो स्विस निजता कानूनों से सुरक्षित है। हमारा Android ऐप (जो Chromebook(नई विंडो) पे भी इस्तेमाल के लिए उपलब्ध है) में ये खासियतें हैं:
- WireGuard® और Smart Protocol चुनाव
- तुरंत जुड़ें
- 64 देशों में सर्वर
- अतिरिक्त निजता और सुरक्षा के लिए Secure Core सर्वर
- NetShield Ad-blocker DNS फिल्टरिंग (मालवेयर और वेबसाइट ट्रैकरों को भी ब्लॉक करता है)
- हमेशा-ऑन वीपीएन और किल स्विच(नई विंडो)
- VPN Accelerator
- DNS लीक सुरक्षा(नई विंडो)
- दूसरा रूट(नई विंडो)
- स्प्लिट टनलिंग
- Moderate NAT







