डिजिटल नोमैडिज़्म अक्सर समुद्र किनारे लैपटॉप और लगातार अंतरराष्ट्रीय सफर से जोड़ा जाता है। लेकिन जापान में Freeasy रिसर्च प्लैटफॉर्म पे किए गए एक नए सर्वे से एक अलग तस्वीर सामने आती है।

Proton VPN ने ये सर्वे इसलिए कराया ताकि बेहतर तरीके से समझा जा सके कि जब ज़्यादा प्रोफेशनल पारंपरिक ऑफिस माहौल से बाहर कैफे, कोवर्किंग स्पेस, होटल और पब्लिक नेटवर्क से काम कर रहे हैं, तो रिमोट वर्क के प्रति जापानी रुख कैसे बदल रहा है.

शुरुआती सर्वे में पूरे जापान से 20 से 99 साल की उम्र के 1,000 बड़ों के जवाब इकट्ठा किए गए। जवाब देने वालों ने लगातार यात्रा या लाइफस्टाइल के प्रयोग से ज़्यादा स्थिर इंटरनेट एक्सेस और वर्क-लाइफ बैलेंस को प्राथमिकता दी। लेकिन डिजिटल सुरक्षा के अहम होने के बावजूद, ज़्यादातर जवाब देने वाले अब भी अपने नेटवर्क सुरक्षित करने और अपने खातों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी बुनियादी कदम नहीं उठा रहे हैं।

जापान के कुछ डिजिटल नोमैड ज़्यादातर जापान के अंदर ही यात्रा करते हैं

जापानी डिजिटल नोमैड कहां काम करते हैं, यह दिखाता ग्राफ
  • 67% उत्तरदाताओं के पास विदेश में रिमोट काम का अनुभव नहीं है और न ही उनमें रुचि है।
  • 14% के पास विदेश में रिमोट काम का अनुभव नहीं है, लेकिन वे इसे आजमाना चाहते हैं।
  • 10% ने जापान के भीतर रिमोट काम किया है, लेकिन विदेश में नहीं।
  • 3% ने विदेश में रहते हुए रिमोट काम किया है।

अनुभवी रिमोट वर्कर्स में से दो-तिहाई कहते हैं कि वे ज़्यादातर घर से काम करते हैं, जबकि रिमोट वर्क के लिए विदेश के स्थान अब भी कम आम हैं।

पासपोर्ट की कम पैठ और भाषा की रुकावटों समेत कई सांस्कृतिक और ढांचागत कारक इस सावधानी को समझाने में मदद करते हैं। कई जवाब देने वालों के लिए रिमोट वर्क यात्रा से ज़्यादा अपनी जानी-पहचानी रूटीन को बिगाड़े बिना फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने का ज़रिया लगता है।

जापानी रिमोट वर्कर्स लाइफस्टाइल फायदों से ज़्यादा भरोसेमंदी को प्राथमिकता देते हैं

सर्वे के नतीजों को दिखाता ग्राफ जो बताता है कि जापानी डिजिटल नोमैड स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं
  • 32% कहते हैं कि स्थिर इंटरनेट कनेक्शन सुनिश्चित करना उनकी सबसे बड़ी रिमोट-काम चुनौती है।
  • 28% को काम और पर्सनल लाइफ को अलग करने में दिक्कत होती है।
  • 16% उत्पादकता और फोकस बनाए रखने को अपनी मुख्य बाधा बताते हैं।
  • सिर्फ 5.3% कहते हैं कि कम जीवन-यापन लागत विदेश में रिमोट काम का सबसे बड़ा फायदा है, जिससे लागत बचत सर्वे में सबसे कम बताया गया फायदा बन जाता है।

पारंपरिक ऑफिस से बाहर काम करते वक्त जवाब देने वाले खुशनुमा स्थानों या लाइफस्टाइल फायदों से कहीं ज़्यादा एकाग्रता के लिए शांत माहौल (52%) और तेज़, स्थिर इंटरनेट (48%) को अहमियत देते हैं।

ये प्रैक्टिकल चिंताएं यात्रा तक भी फैली हुई हैं। काम करते हुए विदेश में रहने की सबसे बड़ी चिंता बीमारी या इमरजेंसी को संभालने की है (46.3%), जिसके बहुत करीब पैसों का प्रबंधन और विदेशी पेमेंट (44.8%) आता है।

जापान में रिमोट वर्क रूटीन से भागने के बजाय स्थिरता बनाए रखते हुए फ्लेक्सिबिलिटी हासिल करने के बारे में है। अनुभवी रिमोट वर्कर्स में से 31% कहते हैं कि इस लाइफस्टाइल ने उन्हें आज़ादी को ज़्यादा कद्र करना सिखाया, लेकिन 23% कहते हैं कि इससे उनकी स्थिरता के प्रति समझ और बढ़ी।

जापान के रिमोट वर्कर्स सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, लेकिन कोई एहतियात नहीं बरतते

ग्राफ दिखाता है कि जापानी डिजिटल नोमैड सुरक्षा को महत्व देते हैं
  • 37% अनुभवी रिमोट काम करने वाले दो-फैक्टर सत्यापन को सुरक्षा उपाय के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
  • 34% पब्लिक नेटवर्क पे ज़रूरी खातों में लॉग इन करने से बचते हैं।
  • 30% रिमोट काम करते समय VPN इस्तेमाल करते हैं।
  • 19% अपने सामान्य माहौल से बाहर काम करते समय कोई खास ऑनलाइन सुरक्षा उपाय बिल्कुल नहीं लेते।
  • 14% पब्लिक नेटवर्क की जगह मोबाइल हॉटस्पॉट पे भरोसा करते हैं।

घर या ऑफिस से बाहर काम करते वक्त कई जवाब देने वालों की सुरक्षा आदतें एक जैसी नहीं होतीं, जिससे जागरूकता और आदतों के बीच साफ गैप दिखता है। जहां 37% लोग दो-फैक्टर सत्यापन पे भरोसा करते हैं और 34% पब्लिक लॉगइन से बचते हैं, वहीं सिर्फ 30% VPN का इस्तेमाल करते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात, लगभग 5 में से 1 (19%) मानते हैं कि वे कोई खास ऑनलाइन सुरक्षा उपाय बिल्कुल नहीं अपनाते।

जैसे-जैसे रिमोट प्रोफेशनल पब्लिक वाई-फाई, कैफे और कोवर्किंग स्पेस पे ज़्यादा भरोसा कर रहे हैं, सुरक्षा की आदतें हमेशा बदलते काम के माहौल के साथ नहीं चल पा रही हैं.

VPN को मनोरंजन के टूल नहीं, बल्कि काम के टूल की तरह देखा जाता है

सर्वे के नतीजों का ग्राफ जो दिखाता है कि जापानी डिजिटल नोमैड मनोरंजन की तुलना में काम के लिए VPN का इस्तेमाल ज़्यादा करते हैं
  • 66.7% VPN उपयोगकर्ता कहते हैं कि उनका मुख्य कारण काम के सिस्टम तक सुरक्षित एक्सेस है।
  • 50% पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क इस्तेमाल करते समय संचार की सुरक्षा के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं।
  • 33.3% ऑनलाइन पर्सनल जानकारी की सुरक्षा के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं।
  • 30% विदेश में रहते हुए जापानी वेबसाइटों और सेवाओं तक एक्सेस के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं।
  • 23.3% पर्सनल कारणों से इनका इस्तेमाल करते हैं, जैसे वीडियो देखना।

जो जवाब देने वाले VPN का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए ये टेक्नोलॉजी मनोरंजन या पर्सनल इस्तेमाल से ज़्यादा एक प्रोफेशनल सुरक्षा टूल की तरह देखी जाती है। 66% से ज़्यादा लोग सुरक्षित वर्क एक्सेस के लिए VPN का इस्तेमाल करते हैं और 50% पब्लिक वाई-फाई पे संचार की सुरक्षा के लिए। इसके मुकाबले मनोरंजन के इस्तेमाल के मामले काफी नीचे आते हैं। सिर्फ 30% लोग विदेश से जापानी साइट एक्सेस करने के लिए VPN इस्तेमाल करते हैं, और सिर्फ 23.3% वीडियो देखने के लिए।

जवाब देने वाले लाइफस्टाइल या एंटरटेनमेंट फोकस वाले फायदों से ज़्यादा भरोसेमंदी, सुरक्षा और वर्क सिस्टम तक स्थिर एक्सेस को प्राथमिकता देते हैं। VPN को कंज्यूमर टूल की तरह देखने के बजाय ज़्यादातर सुरक्षित रिमोट वर्क के प्रैक्टिकल सेटअप के हिस्से के तौर पे इस्तेमाल किया जाता दिखता है।

जापान में डिजिटल नोमैडिज़्म अलग तरह से विकसित हो रहा है

असल में, जापान का रिमोट वर्क सरहदों से परे के नोमैड वाले स्टीरियोटाइप से दूर जा रहा है। ये एक प्रैग्मैटिक, भरोसेमंदी को सबसे पहले रखने वाले मॉडल की तरह विकसित हो रहा है, जिसकी वजह बिना घर वाले आराम, सुरक्षा और क्वालिटी ऑफ लाइफ का त्याग किए प्रोफेशनल फ्लेक्सिबिलिटी पाने की चाह है।

मुख्य निष्कर्ष

  • जीवनशैली को नया आकार: जापानी प्रोफेशनल रिमोट काम को ठुकरा नहीं रहे; इसके बदले, वे इस अवधारणा को यात्रा-पहले आदर्श से घरेलू स्थिरता और पूर्वानुमेय इंफ्रास्ट्रक्चर की तरफ खिसका रहे हैं।
  • एडवेंचर से ज़्यादा सुरक्षा: मोबाइल काम के लिए मानक बेहद सतर्क बना हुआ है, जिसमें जाने-पहचाने घरेलू रूटीन, भरोसेमंद कनेक्टिविटी, और मजबूत डेटा सुरक्षा की साफ पसंद है।
  • एक व्यावहारिक भविष्य: पूरी स्थान स्वतंत्रता की जगह, डेटा सुविधा, फोकस, और सुकून की “जापान-स्टैंडर्ड” अपेक्षाओं के इर्द-गिर्द पूरी तरह बने भरोसेमंद-पहले मॉडल की तरफ इशारा करता है।